कांग्रेस ने दिल्ली में खेला पंजाबी-पूर्वांचली कार्ड

नई दिल्ली। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के निधन के बाद से खाली पड़े दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष पद पर आखिरकार लंबी जद्दोजहद के बाद कद्दावर कांग्रेस नेता सुभाष चोपड़ा की नियुक्ति हो गई। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सुभाष चोपड़ा पर दांव लगाकर एक तीर से कई निशाने साधने की कोशिश की है। साथ ही पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद को दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 के लिए चुनाव प्रचार समिति का प्रभारी बनाकर बीजेपी और आम आदमी पार्टी के सामने भी चुनौती पेश कर दी है। इधर, नवमनोनीत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा और चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष कीर्ति आजाद ने गुरुवार कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलकर उनका धन्यवाद किया। 

पंजाबी-पूर्वांचली गठजोड़

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सुभाष चोपड़ा को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाकर पंजाबी मतदाताओं को साधने की कोशिश की है, तो कीर्ति आजाद को दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार समिति का प्रभारी बनाकर पूर्वांचल के वोटर्स को वापस लाने का दांव चला है। दिल्ली की सियासत में पंजाबी और पूर्वांचली वोटर्स किंगमेकर माने जाते हैं। दिल्ली में 16 फीसदी के करीब पंजाबी मतदाता हैं तो करीब 30 फीसदी के करीब पूर्वांचली मतदाता हैं। इसी मद्देनजर कांग्रेस ने सुभाष चोपड़ा और कीर्ति आजाद पर दांव खेला है। कांग्रेस मानकर चल रही है कि अगर पूर्वांचल और पंजाबी वोटर्स का साथ मिला तो पार्टी दिल्ली में न केवल मजबूती से लड़ेगी बल्कि अच्छी खासी सीटें भी हासिल कर सकती है।

नवनियुक्त प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के साथ कालकाजी के पूर्व निगम पार्षद खविंद्र सिंह कैप्टन

स्थानीय बनाम बाहरी

दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी मुखिया अरविंद केजरीवाल हरियाणा के हिसार से ताल्लुक रखते हैं तो बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी मूलरूप से बिहार के रहने वाले हैं। ऐसे में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दिल्ली निवासी सुभाष चोपड़ा को तरजीह देकर स्थानीय कार्ड खेला है। चोपड़ा दिल्ली की राजनीति में कई दशकों से सक्रिय हैं। वहीं, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी और आप के दिल्ली प्रभारी संजय सिंह की काट के लिए कांग्रेस ने कीर्ति आजाद का दांव खेला है। कांग्रेस ने कीर्ति आजाद को चुनाव प्रचार समिति का प्रभारी बनाकर बीजेपी और आप से दो-दो हाथ करने की मंशा साफ कर दी है। ऐसे में देखना है कि कीर्ति आजाद कांग्रेस के लिए पूर्वांचली मतदाताओं को साधने में कितना सफल हो पाते हैं।

नवनियुक्त प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का स्वागत करते नई दिल्ली कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष विरेंद्र कसाना व उनकी टीम

कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर

दिल्ली कांग्रेस की कमान सुभाष चोपड़ा को सौंपे जाने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है। इसका असर गुरुवार को न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित सुभाष चोपड़ा के घर पर देखने को मिला। सुबह सवेरे से ही कार्यकर्ताओं का आना-जाना शुरु हो गया। कार्यकर्ताओं ने सुभाष चोपड़ा को फूल-मालाओं से लाद दिया और जमकर नारेबाजी की। कुछ कार्यकर्ताओं ने खुशी का इजहार करते हुए आतिशबाजी भी की। इस मौके पर दिल्ली कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने कहा कि कांग्रेस को दिल्ली की सभी 70 सीटों पर पार्टी को मजबूत करना मेरा एकमात्र लक्ष्य है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मुझपर जो विश्वास जताया है, उसे ईमानदारी से निभाऊंगा।

सुभाष चोपड़ा को बधाई देने आने वालों में पूर्व सांसद जगदीश टाईटलर, नई दिल्ली कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष वीरेंद्र कसाना, कालकाजी के पूर्व निगम पार्षद खविंद्र सिंह कैप्टन, हरकिशन सिंह जिंदल, दिल्ली कांग्रेस के प्रवक्ता जितेंद्र कोछड़, पूर्व मेयर जय श्री पंवार, गोविंदपुरी के पूर्व निगम पार्षद राकेश चंद्र ईस्सर, पूर्व निगम पार्षद इंदू, जंगपुरा की कांग्रेस पार्षद दर्शना, कालकाजी ब्लॉक कांग्रेस कमिटि के अध्यक्ष हरदीप सिंह आशु, पूर्व विधायक अरविंदर सिंह लवली, अमरीक सिंह गिल, गुफरान चौधरी, अंकुश आनंद, मदन नागर आदि मौजूद थे।

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